"तिरंगा " ध्वज वन्दन

ऐ मेरे लहराते तिरंगे !
तू ही मेरा प्राण।
तू ही है मर्यादा अपनी
तू ही है सम्मान ।


निज गौरव की गाथा है तू
तू प्रतिबिंब है बलिदानों का
तू ही गरिमा , तू ही महिमा
तू अपनी पहचान । ऐ मेरे......


तेरा केशरिया रंग बोले
न्यौछावर हो सबसे पहले
तू वीरों का विजय निशाँ है
जिसमें रंगते वीर जवान ।  ऐ मेरे.....


श्वेत, स्वच्छ छवि मध्य विराजे
विश्व शांति का दे सन्देश
हम हैं एक ,धरा यह अपनी
परम सत्य का होता ज्ञान। ऐ मेरे.....


हरित धरा सा हरित वर्ण है
सुख -समृद्धि,धन-धान्य निधि
स्वतंत्रता मंथन का अमृत
तू नव चेतन, नयाँ विहान। ऐ मेरे.....

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